Friday, August 19, 2022
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एक्शन फिल्म की सबसे कमज़ोर कहानी – ब्लैक विडो

डिटेल्ड रेटिंग
कहानी : ***** /5
स्क्रिनप्ल :***** /5
डायरेक्शन: ***** /5
संगीत : ***** /5

नई दिल्ली। लगातार एक से बढ़कर एक फिल्म सामने आ रही है। मजेदार स्टोरी के साथ -साथ धासु एक्टिंग से लोगों को फिल्म देखने पर मजबूर कर देने वाली फिल्म रिलीज हो रही है। अब इसी कड़ी में बात कर लेते है फिल्म ब्लैक विडो की। नताशा रोमनोव यानि ब्लैक विडो को रूसी जासूस से अमेरिकन सुपर हीरो बनते देखना अच्छा होगा ये सोच कर हालिया रिलीज़ ‘ब्लैक विडो” देखने पर, शायद आपको थोड़ा कम मज़ा आएगा। फिल्म है तो अच्छी, मगर एक तो कहानी का विस्तार और उस पर ब्लैक विडो की सेक्स अपील को नहीं दिखाने की गुस्ताखी फिल्म मेकर्स ने की है।

बता दें कि फिल्म की कहानी जैक शैफर और नेड बेन्सन ने लिखी है। दोनों ही लेखकों ने पहले फिल्में लिखी भी हैं और निर्देशित भी की हैं। इस वजह से कहानी की तेज़ धार साफ़ नज़र आती है। फिल्म में स्क्रीनप्ले लिखने वाले एरिक पीयरसन ने पहले अवेंजर्स की फिल्मों में “स्क्रिप्ट डॉक्टर” के तौर पर काम किया है। ये काम हॉलीवुड में बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है। स्क्रिप्ट डॉक्टर, किसी लेखक की पूरी तरह लिखी हुई फिल्म को एक डॉक्टर की तरह से जांचता -परखता है और अगर स्क्रिप्ट के हिस्से कमज़ोर नज़र आएं तो वो स्क्रिप्ट डॉक्टर उनका इलाज करता है। अवेंजर्स की अधिकांश फिल्मों में एरिक ने ये भूमिका निभाई है। ब्लैक विडो का स्क्रीनप्ले लिखने में एरिक ने समय सीमा का ध्यान नहीं रखा और बहुत सारी घटनाओं और किरदारों को समेटने की कोशिश की है। एक बात जो स्क्रीनप्ले में खटकी है वो है बचपन की कहानी, जिसमें नताशा के किरदार में कोई खासियत नज़र नहीं आयी है सिवाय उनके बालों की ब्लू स्ट्रीक के।

नताशा की भूमिका में स्कारलेट जोहानसन ने जितना शानदार अभिनय पहले की अवेंजर्स फिल्म्स में किया है यहाँ उनका प्रदर्शन उतना ही रंगहीन लगा है। ब्लैक विडो किरदार बड़ी शिद्दत से मार्वल कॉमिक्स के प्रमुख क्रिएटिव स्टैन ली और राइटर डॉन रीको ने गढ़ा था। स्कारलेट जोहानसन ने इसमें अपनी तरफ से स्टाइल, सेक्सीनेस और एक्स-फैक्टर डाला था। अवेंजर्स की लगभग हर फिल्म में उनके आने से दर्शकों को अलग मज़ा आता था। ब्लैक विडो, सभी अवेंजर्स के बीच में सबसे शक्तिशाली और सबसे खतरनाक महिला किरदार है। इस फिल्म में उनसे जो जो उम्मीदें थी, उसका बहुत कम हिस्सा देखने को मिला है। उनकी बहन की भूमिका में फ्लोरेंस पग हैं और ये उनकी पहली मार्वल फिल्म है। एलेना बेलवा के किरदार में फ्लोरेंस ने काफी प्रभावित किया है। उनका स्क्रीन प्रेज़ेंस भी काफी आकर्षक है। अन्य कलाकार जैसे रेचल वीस, डेविड हारबर, रे विंस्टन इत्यादि ने अपने अपने हिस्से के किरदार ठीक निभाए हैं।

मार्वल कॉमिक्स के आयरनमैन सीरीज की किताबों में नताशा रोमनोव को एक रूसी एजेंट के तौर पर सबसे पहले प्रस्तुत किया गया था। रूस से दग़ाबाज़ी कर के भागे प्रोफेसर एंटोन वांको को ख़त्म करने के लिए नताशा को अमेरिका भेजा जाता है जहाँ वो टोनी स्टार्क यानि आयरन मैन की कंपनी में काम करने लगती है। वहीँ एक और रूसी एजेंट बोरिस तुर्गेनेव, आयरनमैन की टेक्नोलॉजी चुरा लेता है। प्रोफेसर वांको किसी तरह आयरनमैन को बचा लेते हैं, और बोरिस को ख़त्म कर देते हैं। नताशा, तब हॉकऑय नाम के एक तीरंदाज़ को अपने साथ काम करने के लिए मना लेती है ताकि वो आयरनमैन को ख़त्म कर सके। इस प्रक्रिया में उसे हॉकऑय से प्यार हो जाता है और वो रूस छोड़ कर अमेरिका में बसना चाहती है।

रूस की ख़ुफ़िया एजेंसी केजीबी उस पर हमला करवा देती है जिस वजह से हॉकऑय को अवेंजर्स के दल में शामिल होना पड़ता है। कुछ समय बाद नताशा को अपनी ताक़त का अहसास होता है और अपने साथ रूसी सरकार द्वारा की गयी नाइंसाफी और हॉकऑय के प्यार की वजह से वो स्पाइडरमैन, डेयरडेविल के साथ काम करते करते खुद अवेंजर बन जाती है। सबसे पहले अवेंजर, कप्तान अमेरिका के साथ एक ख़ुफ़िया संस्थान हायड्रा से लड़ने में वो टोनी स्टार्क की मदद करती है और फिर हालात ऐसे बनते हैं कि उसे वहां से भाग कर छिप कर रहना पड़ता है। ब्लैक विडो की ये फिल्म इसके बाद की कहानी है, जिसमें उसके बचपन के फ्लैशबैक के ज़रिये नताशा के ब्लैक विडो बनने की कहानी को भी दिखाया गया है।

ब्लैक विडो सिर्फ इसलिए देख सकते हैं कि मार्वल कॉमिक्स के फैन हैं। स्कारलेट जोहन्सन से भी उम्मीद मत रखियेगा और फिल्म से तो कतई नहीं। हालाँकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त कमाई की है और 2021 के 5वीं सबसे बड़ी फिल्म बन कर उभरी है लेकिन फिल्म में देखने जैसा कुछ खास नहीं है। अन्य अवेंजर्स फिल्मों की तरह इसमें भूतकाल और भविष्यकाल की कोई खासियत नहीं नज़र आयी और फिल्म में कोई संकेत भी नहीं हैं कि आगे क्या होगा जैसा कि मार्वल के चाहने वाले हर बार कोई क्लू खोजते रहते हैं। न देखें तो भी चलेगा।

मार्वल फिल्म्स से और खास कर अवेंजर्स की सीरीज में इस तरह की कमज़ोर फिल्म की उम्मीद नहीं थी। कहानी को दिखाने का तरीका एकदम ही सपाट रस्ते की तरह नज़र आता है, कोई उतार चढ़ाव नहीं है। अवेंजर्स में हमेशा विलन ज़ोरदार होते हैं फिर वो चाहे लोकी हो, अल्ट्रॉन हो या फिर सबसे बड़ा थानोस। इस बार ड्रेकोव (रे विंस्टन) और उनकी बेटी अंटोनिओ ड्रेकोव उर्फ़ टास्क मास्टर (ओल्गा कुरिलेंको), दोनों ही दमदार नहीं थे। ओल्गा को हमने जेम्स बॉन्ड की फिल्म “क्वांटम ऑफ़ सोलेस” में अच्छा काम करते हुए देखा है इसलिए निराशा हासिल हुई। नताशा और उनकी बहन येलेना के बीच होने वाली लड़ाई इतनी नकली थी की दर्शक ऊब जायेंगे। एक्शन भी साधारण ही था, एक पल के लिए भी रोमांच की अनुभूति नहीं हुई। अवेंजर्स की फिल्मों में आखिर में एक बड़ी लड़ाई होती है लेकिन वो भी इतनी साधारण थी की मज़ा नहीं आया।

दरअसल ब्लैक विडो को पहले लायंसगेट स्टूडियो बना रहे थे और डेविड हायेटर निर्देशित करने वाले थे वो भी 2004 में। किन्हीं कारणवश फिल्म बन नहीं पायी और 2006 में मार्वल स्टूडियोज के पास सारे अधिकार वापिस आ गए। फिर 2010 में आयरनमैन 2 के साथ स्कारलेट जोहानसन ने ब्लैक विडो का रूप इख़्तियार किया और अब मार्वल की अवेंजर्स श्रृंखला में 24 फिल्म में सोलो हीरोइन के तौर पर नज़र आ रही हैं। चूंकि इसे थिएटर और डिज़्नी+ ओटीटी पर एक साथ रिलीज़ किया गया था तो स्कारलेट ने डिज्नी स्टूडियोज (ब्लैक विडो के डिस्ट्रीब्यूटर) पर मुकदमा दायर किया हुआ है।

 

 

 

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