Wednesday, September 28, 2022
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अंतिम रिव्यू : आइये जानते हैं कैसी है भाईजान की फिल्म

आज बॉक्स ऑफिस पर सलमान खान, आयुष शर्मा और महिमा मकवाना की फिल्म अंतिम द फाइनल ट्रूथ को रिलीज कर दिया गया है। लंबे वक्त से दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार था। फिल्म का प्रमोशन भी बड़े जोर-शोर के साथ किया गया। सलमान खान ने फिल्म के प्रमोशन में कोई कमी नहीं छोड़ी।

आज बॉक्स ऑफिस पर सलमान खान, आयुष शर्मा और महिमा मकवाना की फिल्म अंतिम द फाइनल ट्रूथ को रिलीज कर दिया गया है। लंबे वक्त से दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार था। फिल्म का प्रमोशन भी बड़े जोर-शोर के साथ किया गया। सलमान खान ने फिल्म के प्रमोशन में कोई कमी नहीं छोड़ी।

फिल्म में सलमान खान एक सरदार पुलिस वाले राजवीर सिंह के किरदार में नजर आ रहे हैं। वहीं आयुष शर्मा पहली बार गैंगस्टर के रोल में नजर आये हैं। महिमा मकवाना ने अंतिम से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की है।

जैसे ही सलमान खान स्क्रीन पर आते हैं दर्शकों की तालियां और सीटियां बजनी शुरु हो गई। सलमान का लुक, स्क्रीन प्रेजेंस और काम बेहद पसंद आ रहा है। आयुष ने भी इस फिल्म के लिये जी तोड़ मेहनत की है। उनकी बॉडी देखने लायक है। बॉडी के साथ-साथ उन्होंने अपना किरदार भी बहुत ही कमाल का निभाया है। लेकिन महिमा मकवाना कहीं ना कहीं चूक गईं हैं। वो अपनी एक्टिंग से कुछ खास प्रभाव नहीं दिखा पायी हैं। निर्देंश महेश मांजेरकर ने फिल्म को बेहतरीन बनाने की पूरी कोशिश की है। इसके लिये वो बहुत हद तक सफल भी हुए हैं।

कहानी : अंतिम द फाइनल ट्रूथ मराठी फिल्म का हिंदी रिमेक है। ये कहानी है राहुल (आयुष शर्मा) नाम के एक ऐसे नवजवान की जिसमें जुनून है और वो पुणे का भाई यानि की बड़ा डॉन बनना चाहता है। उसके इस सपने को पूरा करने में कई सारे ड्रामेटिक मोड़ आते हैं। उसकी पर्सनल लाइफ में भी बहुत परेशानियां आ जाती हैं। इस फिल्म की कहानी में भूमाफियाओं द्वारा सताए जा रहे गरीबों के दर्द को भी बयां किया गया है। अपराध का एक अलग रूप पेश करने की कोशिश हुई है। यही दर्द राहुल को माफिया गुंडा बना देता है। वो इसके बाद उससे बड़े गैंगस्टर नान्या भाई (उपेंद्र लिमये) के लिए काम करता है। इन सबके बीच उसके जीवन मे काल बनकर मंडराता रहता है वो है पुलिस इंस्पेक्टर राजवीर सिंह (सलमान खान) वो इस शहर से क्राइम अपने तरीके से मिटाना चाहते है। फिल्म की कहानी कुल मिलाकर कहा जायें तो औसत यानि की ठीक-ठाक है।

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