Monday, July 4, 2022
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बधाई दो :  राजकुमार राव (Rajukumar Rao) और भूमि पेडनकर (Bhumi Pednekar) की बधाई दो (Badhaai Do) ने दूसरी दिन पकड़ी रफ्तार

बधाई दो : राजकुमार राव (Rajukumar Rao) और भूमि पेडनकर (Bhumi Pednekar) स्टारर फिल्म बधाई दो (Badhaai Do) इस शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है। 11 फरवरी को रिलीज हुई फिल्म बधाई दो (Badhaai Do) ने ओपनिंग डे पर ठीक-ठाक ही शुरुआत की। लेकिन अब फिल्म धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती जा रही है। फिल्म के कलेक्शन में बढ़ोतरी हो रही है।

बधाई दो : राजकुमार राव (Rajukumar Rao) और भूमि पेडनकर (Bhumi Pednekar) स्टारर फिल्म बधाई दो (Badhaai Do) इस शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है। 11 फरवरी को रिलीज हुई फिल्म बधाई दो (Badhaai Do) ने ओपनिंग डे पर ठीक-ठाक ही शुरुआत की। लेकिन अब फिल्म धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ती जा रही है। फिल्म के कलेक्शन में बढ़ोतरी हो रही है।

मशहूर फिल्म समीक्षक तरुण आदर्श ने अनुसार, शुक्रवार को फिल्म ने 1.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। शनिवार को फिल्म की कमाई में 60 से 70 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला। इस दिन बधाई दो (Badhaai Do) ने बॉक्स ऑफिस पर 2.72 करोड़ का कलेक्शन किया। अब तक कुल मिलाकर बधाई दो (Badhaai Do) ने 4.37 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। देश के महानगरों दिल्ली, एनसीआर और मुंबई से फिल्म को काफी अच्छा रिस्पान्स मिल रहा है।

आइये जानते हैं क्या है फिल्म की कहानी

सुमि (भूमि पेडनेकर) और शार्दुल (राजकुमार राव) समलैंगिक हैं और उत्तराखंड के ऐसे परिवारों से ताल्लुक रखते हैं, जहां वे अपने घर और समाज में अपनी सेक्शुएलिटी को उजागर नहीं कर सकते। सुमि एक पीटी टीचर है, जबकि शार्दुल पुलिस विभाग में काम करता है। सामाजिक रूप से कुंठित इन दोनों चरित्रों पर घरवालों की तरफ से शादी का घोर दबाव है और इसी दबाव के तहत ये आपस में एक समझौते वाली शादी के लिए राजी होते हैं।

 

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दो समलैंगिक एक इम्पर्फेक्ट शादी में इसलिए एंटर होते हैं कि उन्हें लगता है कि यह शादी सामाजिक तौर पर उनके लिए कवच का काम करेगी और वे इसकी आड़ में अपनी पसंद के पार्टनर के साथ अपनी जिंदगी का खूबसूरत हिस्सा बिता पाएंगे। इस अजस्टमेंट के लिए भी शार्दुल ही सुमि को तैयार करता है, मगर अजस्टमेंट की शादी वाला यह मामला उनके लिए अभिमन्यु के चक्रव्यूह की तरह साबित होता है, शादी के चक्रव्यूह को पार करने के बाद वे बच्चा पैदा करने के प्रेशर में फंसे नजर आते हैं। अपनी डुएल पर्सनैलिटी को समाज और परिवार से छिपाए रखने वाले मुश्किल हालात हंसाते भी हैं और जटिल भी होते हैं।

 

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