Wednesday, June 29, 2022
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Kati Patang 51 years : राजेश खन्ना और आशा पारेख की फिल्म  Kati Patang के 51 साल

Kati Patang 51 years :  29 जनवरी 1971 में भारतीय सिनेमा में रिलीज में हुई फिल्म कटी पतंग (Kati Patang) को आज 51 साल पूरे हो गये हैं। इस फिल्म में राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) और आशा पारेख (Asha Parekh) ने अहम किरदार निभाया था। आज से 51 साल पहले इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 4 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। राजेश खन्ना (Rajesh Khanna)की अदा और आशा पारेख (Asha Parekh)  की बेबसी पर दर्शक अपना दिल हार बैठे थे।

Kati Patang 51 years : फिल्म में शर्मिला टैगोर को लेना चाहते थे शक्ति सामंत

फिल्म निर्देशक शक्ति सामंत इस फिल्म को राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर के साथ करने चाहते थे। क्योंकि इससे पहले शक्ति सामंत ने आराधना फिल्म में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर को साथ में लिया था, जो सुपर-डुपर हिट रही। लेकिन कटी पतंग में शर्मिला चाहकर भी काम नहीं कर सकी। उस वक्त शर्मिला प्रेग्नेंट थीं उनके पेट में सैफ अली खान थे। ऐसे में उन्हें इस फिल्म के लिये इंकार करना पड़ा था।

आशा पारेख ने कहानी सुनते ही फिल्म के लिये हां कह दिया था

अब शक्ति सामंत की दिमाग में आशा पारेख का नाम आया। उन्हें पता था कि आशा पारेख भी बहुत ही बेहतरीन अदाकारा हैं। ऐसे में उन्होंने आशा से बात कीं। आशा पारेख ने फिल्म की कहानी सुनते ही हां बोल दिया। कटी पतंग की कहानी महिला प्रधान थी। आशा पारेख फिल्म को करने के लिये खुशी-खुशी राजी हो गईं।

लुगदी साहित्य के सरताज गुलशन नंदा के उपन्यास पर आधारित थी फिल्म की कहानी

कटी पतंग की कहानी मशहूर साहित्यकार गुलशन नंदा के उपन्यास पर आधारित थी। उस दौर में गुलशन नंदा की लिखी फिल्में ‘कटी पतंग’ और ‘खिलौना’ दोनों 1971 में रिलीज हुईं और दोनों सुपरहिट रहीं थीं। गुलशन नंदा ने इस उपन्यास को हॉलीवुड फिल्म ‘आई मैरिड एक डेड मैन’ (I married a dead Man) पर लिखा था। फिल्म बनने से पहले जब गुलशन नंदा का कटी पतंग बाजार में आया था उस वक्त ये सबसे ज्यादा बिकने वाले उपन्यास में से एक बना था।

कटी पतंग’ की कामयाबी में सबसे बड़ा हाथ राजेश खन्ना के दौर का था

उस दौर में राजेश खन्ना का सिक्का चलता था। कटी पतंग से पहले राजेश खन्ना बॉक्स ऑफिस को कई सुपरहिट फिल्में दे चुके थे और वो हिंदी सिनेमा जगत के पहले सुपरस्टार के तौर पर उभरे थे। किसी भी फिल्म में राजेश खन्ना का होना ही फिल्म का हिट होना का सुबूत माना जाता था।  कटी पतंग के बाद में तमिल में ‘नेनिजिल ओरू मुल’ और तेलुगू में ‘पुन्नामी चंद्रडुडु’ के नाम से रीमेक भी बने।

फिल्म के रोल को लेकर आशा पारेख ने कहा था

कटी पतंग फिल्म की चर्चा चलने पर आशा पारेख ने कहा था कि शक्ति सामंत जी की फेवरिट हीरोइन तब शर्मिला टैगोर हुआ करती थीं। वह शायद विधवा का किरदार नहीं करना चाहती थीं और मैंने परदे पर बिना ग्लैमर के दिखने का ये मौका जाने नहीं दिया।

फिल्म के सारे गाने रहे सुपरहिट

फिल्म के सारे गाने सुपरहिट रहे जिन्हें आज भी लोग गुनगुनाते हैं।  “ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जाए”, ” प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है “, “मेरा नाम है शबनम “, “ये जो मोहब्बत है, ये उनका है काम “, “जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा “, “ना कोई उमंग है , ना कोई तरंग है “, “आज ना छोड़ेंगे तुझे ” और  इन सदाबहार गानों में आवाज़ दी है लता मंगेशकर , किशोर कुमार, मुकेश, आर डी बर्मन और आशा भोंसले ने।

 

यह भारतीय सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म थी जिसमे किसी हिल स्टेशन के खूबसूरत स्थानों को इस तरह से दर्शाया गया है जैसे – नैनी लेक, भीमताल (नैनीताल जिले का एक स्थान )।

 

 

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